शांतिनिकेतन में गांधीजी: बिजय कुमार रबिदास

इतिहास
शांतिनिकेतन में गांधीजी  बिजय कुमार रबिदास, अतिथि शिक्षक, हिन्दी विभाग कल्याणी विश्वविद्यालय,पश्चिम बंगाल भारतीय इतिहास में सन 1913 अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं गौरव का वर्ष है । इस समय दो ऐसी घटनाएं हुई जिसने पूरे विश्व का ध्यान भारत की ओर आकर्षित किया । एक ओर साहित्य के क्षेत्र में रवीन्द्रनाथ ठाकुर का नाम ‘नोबल पुरस्कार’ के विजेयता के रूप में घोषित हुआ तो वहीं दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका में मोहनदास करमचन्द गांधी एक आंदोलनकारी नेता के रूप में उभरे । यही वह समय था जब ये दोनों जननायक एक उज्जवल नक्षत्र की तरह विश्व आकाश में चमके और आगे चलकर पूरे देश की सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की गति को एक नई दिशा दी । दक्षिण अफ्रीका में गांधीजी ने ‘सत्याग्रह’ के जरिए अंग्रेजी शासन की जड़े हिला दी थी…
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