जीवन -मृत्यु

जीवन दो पल
मृत्यु अटल
हर पल जीना
निखर नवल
जो होना है
होके रहेगा
लेकिन जाता
पल न रुकेगा
जीवन के पल
खिलने दो
रंगो में रंग
मिलने दो
खुशियों के
रस पीने दो
हंस के जियो
और जीने दो …

सपना सक्सेना
स्वरचित

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