मेरा हिंदुस्तान

झूम झूम के गाए तिरंगा गाथा देश महान की
ठाठ अलग हैं बात अलग है मेरे देश महान की

लाख लगाए कोई पहरा जीत नहीं रुकने वाली
भाई भाई के अमर प्रेम की रीति नहीं मिटने वाली
दुश्मन की तोपों पर भारी दहाड़ वीर बलवान की ….

जो भी इस धरती पर आया उसको ही सत्कार मिला
भेदभाव का नाम नहीं है सबको बराबर प्यार मिला
प्रेम भाव से मिलकर रहना छोड़ो बात नादान की

ठाठ अलग हैं बात अलग है मेरे हिंदुस्तान की ….

सरहद की पहरेदारी में मेरे वीर जियाले हैं
जिनकी लहू की बूंदों से घर-घर में उजाले हैं
श्रद्धा से सिर झुक जाते जब बात छिड़ी जवान की

ठाठ अलग हैं बात अलग है मेरे हिंदुस्तान की ….

स्वरचित
सपना सक्सेना

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