मालिनी शाम के भोजन की तैयारी करके बाल्कनी में बैठकर बाजू के पैड पर बने घौंसले में से उड़ाउड़ कर रहे पक्षी के बच्चे देख मुस्कुरा उठी।फिर सोचने लगी,ये तो प्रकृति का नियम है बड़े होते ही बच्चे उड़कर अपना नया जहॉं बसा लेते है।लेकिन, उसका घौसला तो छोटा है इसलिए ….यहाँ तो इतना बड़ा घर है ,बेटा पढाई के बाद अमरीका में ही सेट हो गया और बेटी ससुराल में है। डोरबेल की आवाज़ आयी और जल्दी से दरवाज़ा खोलते ही सामने उसके पति सोमन को एक हाथ मे बैग और मिठाई लिए मुस्कुराता हुआ खड़ा देख फिर पुलकित हो गयी।

“देखो,मेरा रिपोर्ट क्लियर है तो ये पिस्ता डायमंड केक आज जमकर खानेवाला हुँ,तुम्हारी ये आयुर्वेदिक दवाइयाँ भी लाया हुँ”

थोड़ी देर दोनों बातें करते बैठे रहे,

“सोमन,आज वो हमारी सोसाइटी के विराजबेन का फोन आया था और फिर घबड़ाहट में फ़ोन रख दिया ,क्या हुआ होगा ? राजेशभाई के गुज़र जाने के बाद तो वैसे भी बहुत बुझे बुझे से लगते है,बेटा बहूँ तो साथ में ही है ..!”

“देखो ,तुम अपनी तबियत का ख़याल रखो ओर सब सोचा नहीं करो,आज सुब्हे में इंटरनेट लेकर बैठा था तभी अमरीका से संयत का फ़ोन आया था,काफी बाते हुई ,वो हेडऑफ़िस में थोड़े दिनों के लिए ट्रैनिंग पर था”

और…. मालिनी को दिल में एकदम खाली खाली सा महसूस होने लगा। खाना खाने के बाद टीवी देखते सोने की तैयारी कर रहे थे,की मालिनी एकदम से सिने में दर्द होने की वजह से बेहोश हो गयी तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ादूसरे दिन दोपहर में आँखे खोली तो सामने सोमन और बेटी- दामाद को देख एकदम से मुस्कुरा उठी।सोमन ने भी खुश होकर बातें शुरू की,

“हम तो सब घबरा गए थे,तुम्हारे लिए एक सरप्राइज़ है”

“जल्दी बताइये क्या सरप्राइज़ है?”

“अरे,एक ओर बात बताना भूल गया,वो विराजबेन सुब्हे तुम्हारी खबर लेने यहाँ आये थे,उन्होंने बताया उनके लड़के ने किसी वकील से मिलकर पूरा घर अपने नाम करवा लिया और विराजबेन को वृद्धाश्रम भेज रहे है,फिर मैंने उन्हें एक वकील और सामाजिक संस्था का ऐड्रेस दिया है”

“अरे बेचारे विराजबेन तो….”

“और,अब तुम ये सरप्राइज़ सुनो,सुनकर फिर बेहोश नहीं हो जाना संयत की ट्रेनिंग ख़त्म हो गयी है और वो यहाँ आ रहा है,मुंबई पहुंचकर फोन भी आ गया तुम्हारी बात सुनते ही कहने लगा,’मम्मी को मेरे साथ आराम करने के लिए अमरीका ही ले जा रहा हु”

एकदम से मालिनी के चहेरे पर चमक आ गयी,

“क्या मेरा संयत आ रहा है ?….अभी ..? उतने में डॉक्टर रुम में दाखिल हुए,

“गुड़ आफ्टरनून,आपके रिपोर्ट में तो हार्ट का कोई प्रॉब्लम नहीं है,जस्ट स्ट्रेस और गैस होने की वजह से ऐसा होता है और बेटे की आने की ख़ुशी में आप के चहेरे पर जो चमक आ गयी है,वो देखकर लग रहा है की ओर कोई टेस्ट करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी ”

“हाँ डॉक्टर साहब,बहोत खुशनसीब हु,मेरा बेटा दूर रहता है लेकिन दूर नहीं है”

-मनीषा जोबन देसाई

सूरत-गुजरात-इन्डीया

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