चित्र: संदीप कपूर
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की ओर से अमेरिका और कैनेडा के 24 महानगरों में कविसम्मेलन आयोजित किए गए। इनसे एकत्रित हुए धन को हिंदी पढ़ाने के कार्यों में प्रयोग किया जाता है। कई शहरों में कार्यक्रम करने के पश्चात् कविगण 19 मई को शहर मोर्रिस्विल्ल पहुँचे। यहाँ के हिन्दू भवन ( हॉल ) में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति और हिंदी विकास मंडल, नॉर्थ कैरोलाइना की तरफ से कवि-सम्मलेन का आयोजन किया गया था। सर्वेश अस्थाना, सोनरूप विशाल और गौरव शर्मा ने 450 के करीब लोगों का मनोरंजन किया। सर्वेश अस्थाना का ‘भगवान् कसम मैं झूठ नहीं बोलता’ और गौरव शर्मा की एक लाइन कविता ने लोगों को खूब हँसाया। सोनरूप विशाल की ‘माँ’ और ‘लड़कियाँ’ कविताएँ बहुत पसंद की गईं।
कार्यक्रम का आरम्भ हिन्दी विकास मंडल द्वारा चलाए जा रहे हिंदी स्कूल के बच्चों ने किया। कवि सम्मेलन से पहले इन बच्चों द्वारा तीन प्रस्तुतियाँ दी गईं! बच्चों ने हिंदी स्वरमाला याद करने के लिए रची गयी एक कविता ख़ूब मस्ती के साथ गाई!
‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’
नीना राय ने कार्यक्रम का संचालन बखूबी किया। हिंदी विकास मंडल की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सरोज शर्मा और वर्तमान अध्यक्ष श्री मदन गोयल ने कवियों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। आप की मित्र ने कवियों का परिचय देकर कवि सम्मलेन शुरू कराया।
हिंदी विकास मंडल की टीम में सुषमा माहेश्वरी , अरुंधति बाबा , ऋचा कपूर , उत्तम डिडवानिया और नरेश गिरी ने स्टेज की सजावट से लेकर, टिकटों और श्रोताओं की देख-रेख में कोई कमी नहीं छोड़ी।
अमेरिका में पहली बार आए गौरव शर्मा और डॉ. सोनरूपा को लोगों ने बहुत पसंद किया।

सूचना साभार: डॉ. सुधा ओम ढींगरा 

 

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