ये भी सुनो
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अदना तक तो धनकुबेर है, क्या कहें सरकार की
अमर बेल सा पसर गया है, जय हो भ्रष्टाचार की
बिल्ली के भाग से छींका टूटा, बन बैठे सरकारी
जितना खर्चा हरदिन लेंगे ,आए कर तैयारी
कैसे नियम कानून कायदे, साहिब सबसे ऊपर
चक्कर लगा लगा के मर गयी,जनता हुई घनचक्कर
सबसे पहले अपना घर और अपना पेट भरेंगे
बाद अगर कुछ बचा रहा तो जनसेवा कर लेंगे
और अगर जो उनसे भिड़े तो जानो शामत आई
जिंदा को मुर्दा कर देंगे झेलोगे जग हंसाई
देख रहे क्या मूरत बनके खुद तुमने जड़ को सींचा
कितना कसैला निकल कर आया फल इस पौधे का
अब भी थोड़ा समय है बाकी कर पाओ तो कर लो
चलो हमेशा सीधे रस्ते यह बात गांठ में धर लो
🙏🙏🙏🙏🙏🙏

चित्र साभार: टाइम्स एनआईई

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