धरा को स्वर्ग बनाना है ,
पर्यावरण बचाना है ।
गाँव-गाँव हर गली-गली में ,
हमको वृक्ष लगाना है ।।1।।

पेड़-पौधे देते हैं जग को ,
शीतल छाया और दवा ।
इसीलिये मिल-जुलकर हमको ,
करना है वृक्षों की सेवा ।।2।।

परम हितैषी पेड़ सभी ,
अब न काटें इसे कभी ।
मिल-जुलकर इन वृक्षों की ,
देखभाल करेंगे हम सभी ।।3।।

वृक्षारोपड़ करना है ,
जीवन सुखद बनाना है ।
प्यारे बच्चों इस दुनियाँ में ,
पर्यावरण बचाना है ।।4।।

प्रमोद सोनवानी पुष्प
श्री फूलेंद्र साहित्य निकेतन
तमनार/पड़िगाँव-रायगढ़
(छ.ग.) 496107

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